रजिया सुल्तान (1236 से 1240) , बहराम शाह (1240 से 1242) , नसीरुद्दीन मुहम्मद (1246 से 1265)
रजिया सुल्तान (1236 से 1240) रुकनुद्दीन फिरोज के विरुद्ध जनता एवं कुछ अमीरों का समर्थन पाकर रजिया गद्दी हासिल करने में कामयाब रही। रजिया बेगम प्रथम मुस्लिम महिला थी जिसने शासन की बागडोर संभाली। अबीसीनेआई गुलाम या कोर्ट को अमीरे ए आखून के पद पर नियुक्त किया। रजिया ने तबरहिंद के इक्तादार अल्तूनिया से विवाह किया। अक्टूबर 1240 में कैथल में रजिया की डाकुओं द्वारा हत्या करवा दी गई। बहराम शाह (1240 से 1242) बहराम शाह के काल में 'नयाव ए मामलिकात' का पद पहली बार लिया गया। 1241 में पहली बार दिल्ली सल्तनत को मंगोलो का आक्रमण झेलना पड़ा। 1242 में बहराम शाह की मृत्यु हो गई। इसके पश्चात अलाउद्दीन मसूदशाह 1242 से लेकर 1246 तक शासन करते रहे। नसीरुद्दीन मुहम्मद (1246 से 1265) बलबन की सहायता से नसीरुद्दीन महमूद ने गद्दी प्राप्त की यह बलबन का दमाद था। बलबन 'नयाव ए मामलिकात' के पद पर नियुक्त हुआ था।