वेदांग




 वेदांग :- वेदों को भली-भांति समझने के लिए छ: वेदांग  की रचना की गई है 

1) शिक्षा ( उच्चारण विधि)

2) ज्योतिष ( भाग्यफल)
3) कल्प ( कर्मकांड)
4) व्याकरण ( शब्द व्युत्पत्ति)
5) निरुक्त ( भाषा विज्ञान)
6) छंद ( चतुष्पद श्लोक)


 महाकाव्य:-

* वैदिक साहित्य के भारतीय साहित्य में महाकाव्यों का समय आता है इसमें रामायण और महाभारत प्रमुखत:  शामिल है
* रामायण की रचना महर्षि बाल्मीकि तथा महाभारत की रचना महरिशी वेद व्यास ने की

 पुराण:-

 पुराणों की संख्या 18 है पुराणों के आदि संकलनकर्ता लोम हर्ष अथवा उसके पुत्र उग्रश्रवा को माना जाता है
 पुराणों में मत्स्य पुराण सबसे प्राचीन एवं प्रमाणिक है

 ब्राह्मोत्तर  साहित्य

 बौद्ध साहित्य:-

' त्रिपिटक' बुध की शिक्षाओं का संकलन है इसे तीन भागों में विभाजित किया गया है:- विनयपिटक, सुत्त पिटक तथा अभीधामपिटक
 बौद्ध ग्रंथ पाली में लिखे गए जातकों में बौद्ध के पूर्व जन्म की घटनाओं का वर्णन है

 जैन साहित्य:-

 जैन साहित्य को आगम कहा जाता है जैन ग्रंथों में भगवती सूत्र आदि पुराण प्रमुख है
 जैन धर्म का प्रारंभिक इतिहास तथा तीर्थ खारो की जीवनी 'कल्पसूत्र' में है जिसकी रचना भद्रबाहु ने की थी

लौकिक साहित्य:-




 रचना                  रचनाकार            विशेष  तथ्य


1) अष्टाध्यायी        पाणनी            व्याकरण ग्रंथ
2) मुद्राक्षस          विशाखदत्त         मौर्य काल
3) महाभाष्य         पतंजलि          पुष्यमित्र शुंग

4) कथासरित्सागर   सोमदेव              मौर्य काल
5) अर्थशास्त्र           कौटिल्य            मौर्य काल
6) नीतीसार            कामदक          गुप्तकालीन
7) हर्षचरित्            बाणभट्ट            हर्ष की                                   
8) राजतरंगिणी       कलहरण       कश्मीर के                           



    
        

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